沪剧《梦断晚晴轩》

05-15 12 反馈
    梦断晚晴轩

    场次

    第一场:别妻

    第二场:遗簪

    第三场:更衣

    第四场:投缳

    第五场:治丧

    第六场:返苏

    第七场:守灵

    第八场:事发

    第九场:绝粒

    第十场:降祸

    出场人物:(以出场先后为序)

    苏州织造府甲乙丙丁四清客,简称甲乙丙丁(无名无姓,在剧中仅作为串场人物)

    柱子,李鼎书童,简称柱

    李鼎,李煦独子,时年二十二岁,简称鼎

    鼎大奶奶,小名阿兰,李鼎妻,时年二十五岁,简称兰

    瑞珠,鼎大奶奶贴身大丫坏,简称瑞

    宝珠,鼎大奶奶贴身丫环,简称宝

    史嬷嬷,苏州织造府女管家,简称史

    四姨娘,李煦宠妾,简称姨

    李煦,字旭东,苏州织造,时年六十四岁,简称李

    李四,李府家人,亦叫阿四,简称四

    李老太太,文氏,李煦老母,时年九十三岁,简称母

    连环,李老夫人贴身丫环,简称连

    谢总管,李府总管,简称谢

    两江督标属下兵士若干,简称兵

    奉旨查抄官员,简称官

    第一场:别妻

    场景:苏州织造府内院

    时间:李鼎押送丹桂动身赴热河之际

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    圣上行宫避暑热,

    乙唱:

    丹桂盆栽献君侧,

    丙唱:

    钦限定在六月中,

    甲乙丙丁一起道白:阿来得及介?!

    丁唱:

    运河水浅怎料测?

    甲唱:

    难得难得真难得,

    乙唱:

    纨绔少爷动真格,

    丙唱:

    子代父职头一趟,

    甲乙丙丁一起道白:哪亨说?!

    丁唱:

    也算是个好样的!

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    柱子上场。

    柱(对幕后):大爷,大奶奶,二十盆丹桂已经装船完毕。

    李鼎在幕后答应一声:知道了。

    李鼎在幕后唱:

    送丹桂赴热河恋恋不舍但怕回头频回头——

    柱子下场。

    李鼎和鼎大奶奶携手上场。瑞珠宝珠随同上场。夫妻俩边圆场边唱。

    兰唱:

    送夫君出远门依依惜别岂能挽留难挽留。

    鼎唱:

    自婚后从未曾遥隔长久,

    兰唱:

    奉圣命当效力尽心伺候。

    鼎唱:

    多亏你善当家里外打点,

    兰唱:

    替公爹来操劳理应分忧。

    鼎唱:

    步出了晚晴轩牵肠挂肚,

    兰唱:

    搭上那漕运船随风顺流。

    鼎唱:

    一路上孤孤单单怎安眠,

    兰唱:

    两情浓朝朝暮暮夜共昼。

    鼎唱:

    转过这水榭旁鸳鸯惊扰,

    兰唱:

    等归来月圆夜欢度中秋。

    鼎:我一定在八月十五之前赶回来,与你团团圆圆共度中秋!

    兰:你看,爹爹和四姨娘他们来了。

    史嬷嬷四姨娘李煦李四一行四人上场。

    李鼎和鼎大奶奶一起:见过爹爹,四姨娘。

    四:见过大爷大奶奶。

    李:哦,此番北上,要你代父辛劳。

    (接唱)

    此番去避暑行宫不比京城,

    在口外冷冷热热要自留神。

    若能够面见圣君扈从行围去哨鹿,

    有出息你就是天子驾前一近臣。

    (接白)另外,切记有一份礼单是送与梁九功梁公公的。

    鼎:孩儿记下了。

    姨:大爷辛苦,我已关照柱儿多带船菜,一路之上小心伺候。

    鼎:多谢四姨娘。

    李:好啦,时辰不早,你还得向老太太辞行,快去吧。

    李鼎和鼎大奶奶:是。

    吴:大奶奶,您看,老太太难得出来,今天她可是黎山老母下凡来啦。

    幕后传来李老太太的声音:我那好孙儿在哪里?祖母我送你来了!

    场上一行人等迎向舞台一侧。

    在连环的搀扶下,李老太太颤颤悠悠地上场。

    场上人等赶紧上前,四姨娘史嬷嬷接手搀扶李老太太。

    李:娘,您怎么自己出来了,您孙子孙媳正要进去跟您辞行呢。

    母唱:

    孙儿难得出远门,

    特为前来送一程。

    此去热河面至尊,

    幸喜得,

    幸喜是我李家后继有人!

    (接白)哈哈哈哈,小鼎啊——

    (李鼎接腔:哎,老太太有话请吩咐。)

    (李老太太接唱)

    想当年圣上来南巡,

    你还是襁褓之内刚出生。

    康熙爷特地召见来叙旧,

    保母俩老树枯枝又逢春。

    到现今曹家姐姐早过世,

    只留下我文氏是个见证。

    眼见得孙儿你已长成才,

    为皇家奔走出力需谨慎!

    鼎:孙儿谨记在心。

    兰:老太太,外面风大,您还是先进去吧。

    母:好,好,我的好孙媳,听你的。

    场上一行人等乱哄哄地送李老太太下场。场上仅留下晚晴轩主仆四人。

    李鼎在恭送李老太太下场后转身对瑞珠宝珠道白。

    鼎:我走之后,你们二人务必用心伺候大奶奶!

    瑞珠宝珠一起:是,大爷!

    李鼎和鼎大奶奶相互靠拢,紧紧携手。

    大幕合拢。

    第二场:遗簪

    场景:苏州织造府花园水榭

    时间:是年盛夏某一天

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    赤日炎炎似火燎,

    乙唱:

    江南湿热真难熬,

    丙唱:

    今年偏生黄霉倒,

    甲乙丙丁一起道白:心里厢阿要挖涩!

    丁唱:

    头疼只想睡个饱。

    甲唱:

    大爷一去无音讯,

    乙唱:

    当家人变相思鸟。

    丙唱:

    老爷心里添烦恼,

    甲乙丙丁一起道白:格末我伲做点啥呢?

    丁唱:

    早早回去娃娃抱!

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    鼎大奶奶缓步上场。边圆场边唱,最后在水榭窗前石条几上斜靠着栏杆坐下。

    兰唱:

    花园四下静悄悄,

    枝头唯闻蝉鸣噪。

    信步来到水榭旁,

    池内不见鸳鸯闹。

    莫不是贪凉深藏荷叶底,

    莫不是也嫌暑热实难熬。

    屈指算来二月余,

    万里相隔关山遥。

    鼎鼎未有捎信回,

    不知他——

    已到哪站哪驿打路条。

    饮食起居可曾有尽心照料,

    阶前应对可能否为君称道。

    我这里夜夜惦记盼拂晓,

    他那里日日凝望等起锚。

    难得他痛心疾首浪子学好,

    欣慰他自告奋勇替父代劳。

    早归来报喜信皇恩浩荡,

    早归来共筹划退步趁早。

    思念念迭迭心事身恍惚,

    人恹恹昏昏欲睡神飘摇。

    鼎大奶奶坐下后慢慢地把头靠在栏杆上打盹。

    灯暗转。

    幕后传来李鼎的声音:阿兰,阿兰,我回来了!

    追光中,李鼎上场。

    鼎大奶奶起身相迎。

    兰:鼎鼎,你可回来了!

    鼎唱:

    日日夜夜苦相思,

    身为包衣奴才只能把君王好伺候。

    行围哨鹿跟着走,

    皇命差遣不自由。

    一留留过八月半,

    一拖拖到重阳后。

    知道你贤德妻一颗心为我李家早操够,

    知道你巧媳妇也得把无米之炊来运筹。

    好容易盼着到通州,

    好容易总算又登舟。

    好不容易回姑苏,

    好不容易你我夫妻重聚首!

    兰:怎么,难道说——现在已经是秋末冬初?

    鼎:正是。(说完后,李鼎隐退。)

    鼎大奶奶一惊,重又坐下。

    灯光恢复。鼎大奶奶仍在午后小睡中。

    瑞珠上场。

    瑞:啊呀,大奶奶,您怎么睡在这儿?小心着凉。

    鼎大奶奶被摇醒。

    瑞:大奶奶,我来扶您回房去吧。

    兰:我刚睡了一会儿,见到是你大爷回来了。

    瑞:大奶奶,您不是在做梦吧?

    兰:可不是吗?他说他是跟着圣上行围哨鹿去了,一时还回不得姑苏!

    瑞珠搀扶着鼎大奶奶慢慢地下场。

    静场片刻。

    李四前导,李煦拿着一本账本上场。

    李煦步入水榭,放下账本,蹀躞徘徊。

    李唱:

    花园四周静悄悄,

    五内如焚滚油浇。

    暑热难忍神不宁,

    越思越想越烦躁。

    前厅清客无心理,

    内堂妾侍嫌唠叨。

    细数亏空四十万,

    只会多来不会少。

    若依旧皇恩浩荡无所谓,

    原本就一个锅里一样勺。

    南巡接驾虽荣耀,

    其实是场虚热闹。

    回想当年恩遇重,

    妹夫提携步步高。

    江宁姑苏两织造,

    再委任淮扬巡盐差使好。

    康熙爷有意来照应,

    银钱大把有中饱。

    没奈何那羊毛用在龙身上,

    怎禁得白花花银子打水漂。

    任凭是金山银海不在乎,

    说什么罪过可惜尽无聊。

    可叹是好景不长盛宴散,

    三春已过寒秋到。

    子清一死圣眷衰,

    外甥暴亡雪上加霜空哀号。

    曹家嗣子不得力,

    唯恐他自身也难保。

    思前想后喊糟糕,

    日夜担忧办移交。

    只怕有人来眼红,

    就怕风急浪又高。

    欲将难关安然度,

    船破更需把橹摇。

    待等扬帆东风起,

    挽回天心为首要!

    李煦坐在刚才鼎大奶奶坐过的地方。那本账本就在他身旁,正当他欠身要拿起账本的时候,发现了栏杆外草地上的一支玉簪。

    李:咦,阿四,你来看,那里草地上是不是一支玉簪?

    李四上前拾起。

    四:老爷您说的是。(把玉簪交给李煦。)

    李(接过玉簪后)唱:

    啊呀呀——

    且喜老眼不昏花,

    玉簪闪亮放光华。

    反复细看似眼熟,

    究竟归属哪个她?

    几房妾侍都数遍,

    丫头婆子全撇下。

    (夹白)有了——

    (接唱)

    那年小鼎化代价,

    重金购来就是它!

    (接白)正好去到晚清轩把它还给兰儿,也就便和她商讨个如何挽回天心的法子!

    李煦转身走了几步,停下。再回过来拿起账本缓步下场。(注意,下场方向和鼎大奶奶瑞珠相同。)

    四(跟着走了几步):看起来,老爷是到晚晴轩有啥事体搭仔大奶奶商量。格里厢末就算大爷伊人勒浪屋里,我也是勿好跑进去格。横竖有人服伺,用勿着我来操心。正好今朝仔是大厨房里摇会格日脚,前两趟总归勿曾有空只好错脱。现在末,快点让我去哉。

    李四向另一方向下场。

    大幕合拢。

    备注:子清即指曹寅。

    第三场:更衣

    场景:苏州织造府晚晴轩——李鼎夫妇居处内一间后房

    时间:紧接上场

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    晚晴轩里虽然时常来,

    乙唱:

    儿子不在却是第一遭。

    丙唱:

    都只为有要事需相商,

    甲乙丙丁一起道白:商量出点啥格名堂经啊?

    丁唱:

    啊呀呀呀大事不好了!

    甲唱:

    我问你因何事要惊慌?!

    乙唱:

    碰到格恶时辰真不巧!

    丙唱:

    不早不晚凑到了一道,

    甲乙丙丁一起道白:到底出勒点啥格事体呢?

    丁唱:

    色字头上举起一把刀!

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    舞台上可见有一巨大纱幕从天花板上悬挂下来,占据舞台后侧一部分空间。

    瑞珠前导,鼎大奶奶上场。

    瑞:大奶奶,洗澡水我已经放好啦,干净衫裤也摆在湘妃榻上面。要不要我去叫宝珠来伺候您?

    兰:昨晚宝珠她值夜,你没有见她在那边打盹又睡过去了。

    瑞:这个死丫头,就知道睡!

    兰:不用管她,你不是要去大厨房摇会只管前去便是。

    瑞:那,那,那大奶奶,我就去了噢。

    瑞珠倒退几步,随后自另一方向下场。

    鼎大奶奶转入纱幕后面。(注意:此时纱幕后面没有灯光,观众看不到她的身影。)

    纱幕后(实际上即幕后)传来脱卸衣衫然后入水泼水的声音。

    场上空无一人。

    静场片刻后李煦自瑞珠下场方向上场。

    李(咳嗽一声):咦,往日里来,小鼎和兰儿闻声出迎,今日为何不见人影?

    李煦在场上作寻找状。

    李:哦,一个小丫头在回廊上睡得正香;另一个刚才见她急急忙忙地赶出去竟然也没有看到我在这里。对啊,今日里乃是大厨房摇会的日子,一定是去了那里。

    李煦继续作一个房厅又一个房厅地进入状。

    李唱:

    静静寂寂晚晴轩,

    丫环一旁睡大觉。

    (忽然,李煦停步作倾听状。再一阵泼水声音传来,夹杂着鼎大奶奶哼昆曲的声音。)

    (接唱)

    不见主人四处找,

    后房传来昆山调。

    (李煦轻轻地向前几步。)

    (接唱)

    水声撩拨伴低吟,

    定是兰儿在洗澡。

    (夹白)让我走罢,回头再来。

    (接唱)

    却为何两腿不迈似铅重,

    却为何一颗心儿似鼓敲!

    欲离难离——

    (幕后一起伴唱三字)走不开,

    欲罢不能——

    (幕后一起伴唱三字)如何好?

    撩拨心弦蠢蠢动,

    胸中澎湃涌春潮。

    (李煦扔下账本,急得来回搓手,突然发现——)

    门板上有缝一道,

    天赐良机铺鹊桥。

    欺身上前来偷瞧,

    (李煦上前踮起脚尖用一只眼睛张望。再立定再踮起换另一只眼睛张望。)

    (幕后合唱:

    瞧啊,啊,瞧啊,)

    (接唱)

    啊呀呀呀不得了——

    (幕后合唱:

    啊呀呀呀不得了——)

    (接唱)

    眼发直,

    魂出窍。

    (幕后合唱:

    眼发直来魂出窍——)

    (接唱)

    口舌干,

    心狂跳。

    (幕后合唱:

    口舌干来心狂跳——)

    (接唱)

    一道闪电掠眉梢,

    一阵惊雷眼前爆。

    (幕后合唱:

    一道闪电掠眉梢,

    一阵惊雷眼前爆。)

    (接唱)

    贵妃出浴华清池,

    九天仙女下重霄。

    轻拂罗巾洗凝脂,

    云鬓花颜莲步摇。

    白是白来黑是黑,

    凸是凸来凹是凹。

    雪白粉嫩两截斜塘藕,

    娇艳欲滴一对红樱桃。

    啊呀呀呀不好了——

    (幕后合唱:

    啊呀呀呀不好了——)

    她就要来她就要——

    她就要护胸身上罩,

    她就要底裤束上腰。

    (幕后合唱:

    啊呀,

    机不可失要抓牢,

    美梦错过喊懊恼!)

    (接唱)

    秀色可餐脑昏沉,

    春色逗人掀狂涛。

    浑身欲火冒,

    此刻实难熬。

    往时疲沓沓,

    顿然硬撬撬。

    按不下心猿意马任驰骋,

    压不住意乱情迷神颠倒。

    我只要,

    温柔乡里图醉饱。

    我只求,

    软玉温香在怀抱。

    管它什么新台丑,

    长生殿内也曾把盟誓表。

    老夫聊发少年狂,

    骊山顶上不怕他人讥笑!

    李煦作猛地推开房门状,此时观众可见玉簪落在房门外面的地上。

    李煦冲入纱幕后。

    灯暗转。

    纱幕后传来拉扯的声音。夹杂着以下道白。

    兰:爹爹,您……,宝珠!

    李:不要喊,宝珠她睡得正死,一时半会醒不过来。兰儿,我要面子,你更要面子。

    兰:爹爹,你不要……。

    瑞珠上场。边圆场边唱。

    瑞唱:

    今朝运气实在好,

    赶去摇会中头号。

    急忙回转晚晴轩,

    (低头作发现玉簪状,夹白)咦,

    (接唱)

    这玉簪因何跌碎了?!

    瑞珠拾起跌成两半的玉簪,边撩起纱幕边喊:大奶奶,这玉簪……(突然,灯光恢复大放光明,瑞珠眼见纱幕后面的两个人狼狈不堪。)

    李煦拉着鼎大奶奶的手,衣衫不整地僵立在那里。

    鼎大奶奶仅披着一件薄薄的浴衣,背对着观众作挣脱欲逃脱状。

    以上场景定格的同时,瑞珠绝望地喊出一声:天哪!

    瑞珠缓缓地后退几步,手里拿着的两截玉簪跌落在地,然后她终于不支瘫倒在地。

    在上述过程中,灯光渐渐暗淡。

    大幕合拢。

    第四场:投缳

    场景:晚晴轩主人卧室

    时间:上场当夜

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    老公公怎能够再去面对?!

    乙唱:

    好媳妇有何颜日日相见?!

    丙唱:

    小丫环恨不得瞎了双眼——

    甲乙丙丁一起道白:究竟为仔点啥嚄?

    丁唱:

    眼若是不曾见哪会心烦!

    甲唱:

    儿子归家难保会要拆穿?!

    乙唱:

    丈夫回来怎启口好为难?!

    丙唱:

    这丑闻如何收摊怎么办?!

    甲乙丙丁一起道白:到底哪能弄法子呢?!

    丁唱:

    你问我却叫我又去问谁?!

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    鼎大奶奶在场上,背对观众,肃穆静立。

    宝珠捧着茶盏上场。

    宝背唱:

    一觉睡到日西斜,

    主人未曾来责骂。

    虽说算我好幸运,

    此事透着真奇怪。

    瑞珠无故哭爹娘,

    我却不敢去问她。

    宝珠从舞台这一侧走到另一侧,对着鼎大奶奶的背影道白。

    宝:大奶奶,时候不早了。我把刚泡好的茶放在桌上,您也早点安歇吧。

    兰:我知道了。宝珠,你去告诉瑞珠今夜不用她轮值。顺便再让她来这里一次。

    宝:大奶奶您今夜不用瑞珠值夜,可是要我……。

    兰:唉,昨夜你也轮值过,哪会要你连着值夜。

    宝:是。

    宝珠致礼后倒退几步,转身下场。

    瑞珠怯生生地上场。上场后做贼心虚似地四下张望一番。

    瑞:大奶奶,您叫我……。

    兰:那本账本,你可是已经交与李四?

    瑞:回大奶奶的话,我没有找到阿四。听说是他做错了事,已被打发去了浒关庄子上干活。账本我是交到四姨娘手里的。

    兰:原来如此。

    瑞(胆战心惊地):大奶奶,大奶奶,我可是真的没有想到会碰上……。

    兰:不要说了。什么事情也没有发生过,你可记住了。

    瑞(连连点头):我知道,我知道,我只当什么事情也没有发生过,……。

    兰(生气地):不要再说了!本来什么事情也没有!

    瑞:是,我记住了。

    兰:回房睡去吧。

    瑞:是。

    瑞珠致礼后倒退几步,迟疑地转身下场。

    场上留下一盏孤灯。

    鼎大奶奶此时才转过身来。

    兰唱:

    耳听更鼓夜深沉,

    月不明来星也昏。

    四周闷热不透气,

    犹闻蛙声一阵阵。

    鼎鼎依旧在热河,

    兰房独自对孤灯。

    事起仓促生变故,

    心如止水细思忖。

    瑞珠她呼天抢地满腹怨,

    怨只怨碰到恶时辰。

    可知道多亏你及时赶回来,

    方能够保全我清白女儿身!

    我是满腔泪水早流干,

    没有委屈只余恨!

    公爹他做出如此不端事,

    哪能再日日相见不去扪心自问?

    纵然是打发李四浒关去,

    也总会沸沸扬扬有议论。

    纸里包火总要穿,

    日后如何再见人?

    即使我一身清白无罪错,

    恐怕也跳进运河难辩争。

    一朝鼎鼎回姑苏,

    如何面对费心神。

    夫妻难免生隔膜,

    少恩缺爱无至诚。

    这样的日子叫我如何过?

    这样的家庭怎样度一生?

    惟有一死显清白,

    惟有一死表忠贞。

    终究要,

    遭不测;

    必定会,

    祸临门,

    与其到马嵬驿再赐白练,

    倒不如寿王府早作牺牲!

    鼎大奶奶拿起桌上的茶盏,仰面一饮而尽后疾步下场。

    静场片刻。

    远处传来鸡鸣,东方发白。

    静场片刻。

    宝珠睡眼惺忪地上场。

    宝:唉,大概昨天下半日睏得实在忒多,反倒害得我一夜天都勿曾睏好。(打个哈欠伸个懒腰)一直勒浪做乱梦,外加还是恶梦——吓得我末,迪颗心到现在还勒拉乱跳! (自己再摸一下左胸后,继续圆场)咦,大奶奶往日起身早,要有那么多家务事等着她料理。怎么今朝到现在还不见动静?(探头张望,继续反方向疾步圆场后,对幕内)瑞珠,瑞珠,快起来!

    瑞珠慌慌张张地上场。

    瑞:又出什么事了?

    宝(诧异地):什么叫做“又出什么事了?”

    瑞:啊呀,你快说,叫我来做什么啊?

    宝:大奶奶不在她房里!

    瑞:啊?! (同时开始全身颤抖)快,快去找,快去找啊!

    宝:你怎么啦?别吓我!

    宝珠开始圆场,瑞珠恍恍惚惚地跟着。两人圆场一周到达鼎大奶奶下场处停步。

    宝珠抬头一看,大叫一声后迅即把口掩住。

    宝:啊?!

    瑞珠探头往前,迅即倒退几步,跌倒在地又马上勉力爬起。

    瑞(哭喊着):大奶奶,大奶奶,我也不要活啦!

    宝珠急忙上前拉住瑞珠。

    瑞珠挣脱,一头撞在柱子上,当场气绝身亡。

    宝珠大叫起来:快来人啊!大奶奶在后房上吊自尽啦!(喊完后自己也瘫倒在地上。)

    史嬷嬷闻声上场。一见之下作惊呆状。旋即镇静下来,上前拉起宝珠。

    大幕合拢。

    第五场:治丧

    场景:苏州织造府花厅

    时间:上场次日

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    希奇希奇真希奇,

    乙唱:

    公公如此哭儿媳。

    丙唱:

    大家看得蛮仔细,

    甲乙丙丁一起道白:阿是哑子吃馄饨?!

    丁唱:

    心照不宣拍肚皮。

    甲唱:

    大把银子撒出去,

    乙唱:

    烈烈轰轰办葬礼。

    丙唱:

    我伲一淘来出力,

    甲乙丙丁一起道白:介起劲做啥介?!

    丁唱:

    也好有点外快戏。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    四姨娘急步上场,史嬷嬷随之上场。

    姨唱:

    忽地听得传云板,

    都只道归西的是老太太。

    怎料想怪事出在晚晴轩,

    横死的却是当家少奶奶。

    她年纪轻轻去投缳,

    老爷关照说她是一时想不开。

    猛然想起一件事,

    婆母她今年九十三岁。

    岂能经此拂逆事,

    赶紧让我来指派。

    (接白)史嬷嬷,赶快去老太太院子里。就说要整修房舍,请老太太暂时移到浒关别墅里,过些日子再搬回来。还得要关照连环她们,不准透露半点消息!

    史:是,我马上去办。

    史嬷嬷急步下场。

    四姨娘对着史嬷嬷下场方向怨恨地道白:真不知道他交了什么霉运!

    四姨娘向另一方向下场。

    李煦在幕后唱:

    白发人相送黑发人凄凄惨惨——

    李煦面容憔悴腰束白带涕泪交加地上场。

    李唱:

    这才是,

    最最最——

    最痛心,

    最无奈,

    最伤感,

    最可悲!

    兰儿啊,

    谁不知你操持家务称能手,

    谁不知你里里外外巧安排。

    谁不知你规劝丈夫得回头,

    谁不知你强过我儿胜十倍。

    贤德儿媳先我去,

    痛不欲生摧心肺。

    贤德儿媳先我去,

    千呼万唤唤不回。

    恨不能玄妙观求得返魂香,

    恨不能九泉下与你能相随。

    一失足成千古恨,

    跌落阿鼻沉苦海。

    一念之差终身悔,

    还不清的前生债,

    赎不尽的弥天罪,

    即便是上刀山下油锅都由我奉陪!

    谢总管上场。

    谢:回禀老爷,择准停灵七七四十九天。只是现今暑热,冰筶里的冰恐怕支撑不住,对大奶奶法身不便。

    李:那就到苏州城里各家大户求购,务必停足七七四十九天!

    谢:照老爷吩咐,为求超度现请一百单八众高僧在大厅上拜大慈大悲忏,九十九位全真道士打解冤洗业醮,实足七七四十九日。另设一坛于晚晴轩,灵前另请五十众和尚,五十众尼姑,对坛按七做好事。只是这开销……。

    李:怎么,帐房里没有钱了?!

    谢:回老爷,买了那具棺木付了一千订金之后就没有多少余款了。

    李:我不管!你去替我想办法,从什么内务府人参款原料款里先挪用一下再说。

    谢:是。还有两件事——老爷要把丧事办得轰轰烈烈,大奶奶所缺的一是封典二是孝子……。

    李:啊,谢总管,亏得你提醒!封典立刻去办,捐一个五品奉政大夫。这披麻戴孝的嘛,就认宝珠为义女。另外,瑞珠一片忠心殉主,一并厚葬!

    谢:我这就去办第一件。这第二件嘛,我去关照史嬷嬷就是。

    谢总管下场。

    宝珠披麻戴孝换穿裙子捧着鼎大奶奶的神主牌位上场。牌位上赫然写着“先妣李门秦氏宜人之位”。史嬷嬷随同上场。四姨娘拖拖拉拉地走在后面。

    四姨娘上场后侧身站在李煦身旁。

    宝珠捧着牌位对李煦下跪。

    宝:孙女宝珠给公公叩头。

    李(上前搀起):好孙女快快请起。

    四姨娘背白:哼,这样子讨好!我的两件首饰又得出送了!

    哀乐声起。

    大幕合拢。

    备注:苏州人称呼祖父为公公。

    第六场:返苏

    场景:苏州织造府内厅

    时间:初冬,李鼎自热河回家之时

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    秋去冬来雁南飞,

    乙唱:

    大爷总算返故里。

    丙唱:

    去时不过是监生,

    甲乙丙丁一起道白:嘿嘿,今非昔比——

    丁唱:

    回来要穿大夫衣。

    甲唱:

    水晶顶戴多出色,

    乙唱:

    白鷳补服更精细。

    丙唱:

    织造少爷衣锦归,

    甲乙丙丁一起道白:但是少忒仔一格人哉!

    丁唱:

    难怪唉声又叹气。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    李煦独自一人在场上。

    李唱:

    日夜提心又吊胆,

    丑闻欲掩料应难。

    小鼎他长途跋涉热河返,

    代父辛劳不畏难。

    行程已到浒墅关,

    今日重逢相会难。

    梁公公他虽然收礼单,

    却不肯相机进言勉其难。

    欲图美差放盐政,

    圣眷一衰挽回难。

    力不从心当差使,

    捉襟见肘事艰难。

    拆了东墙补西墙,

    摇摇欲坠仍危难。

    分量不足被训斥,

    布料落色过关难。

    就算是圆满有交代,

    内务府一样来刁难。

    里外事端一大堆,

    穷于应付实在难。

    无米之炊怎开伙,

    兰儿死后越见难。

    再也无人挑重担,

    谁能与我共患难。

    若是要把实情吐,

    面对鼎儿启口难。

    若然仍把真事隐,

    一瞒再瞒难上难。

    阵阵心悸倍煎熬,

    左难右难两为难。

    怕只怕一旦真相大白时,

    老母亲她怎样经受这变难。

    更可怕啊最可怕,

    唯恐有人来发难——

    直达天听去告密,

    苏州织造府顷刻之间遭灾难。

    四姨娘史嬷嬷谢总管上场。

    谢:启禀老爷,大爷他回来了。

    李煦闻言一惊,迅即强自镇静。

    姨:快去准备官服,好让柱子伺候大爷升冠。

    谢:是。

    谢总管下场。

    李鼎急步上场。

    鼎背唱:

    想回家盼回家赶回家,

    事到临头却又怕回家。

    李鼎作进门状。

    鼎:见过爹爹,四姨娘好。

    李:一路辛苦。回头去见老太太的时候,切记说的是你媳妇被曹家接去金陵至今未回。

    鼎:孩儿知道了。

    姨:啊呀,别扯这些,快让大爷他去更换衣冠,也好让老太太高兴高兴。

    四姨娘史嬷嬷两人一前一后,随同李鼎下场。

    幕后传来连环的声音:老太太当心,老太太步稳了!

    李煦赶紧迎向上场门。

    连环搀扶着李老太太颤颤巍巍地上场。

    李煦上前搀扶着李老太太坐下。

    李:娘,你怎么出来了?小鼎他正在更换官服,马上要进去见你呢。

    母:我的身子骨硬朗得很!不用你操心。今日我的好孙儿衣锦荣归,难道我就不能出来迎接一下?

    连:老太太,你看,大爷他来了!

    李鼎上场。四姨娘史嬷嬷随同上场。

    李鼎强颜欢笑,面对祖母跪下,膝行几步扑在李老太太怀里。

    鼎:老太太,孙儿我回来了!

    母:回来好,回来好!可把我想死了——

    (接唱)

    孙儿今日回姑苏,

    祖母心头热乎乎。

    小鼎你真有出息,

    行围哨鹿去随扈。

    虽然捐班化银子,

    也是奉政称大夫。

    一身官服多神气,

    可惜你媳妇她还在江宁织造府!

    (接白)若是小鼎媳妇已经回来,看到你这一身打扮不知道要多高兴哦。(突然省悟)对了,这次你从热河回来,路过南京怎么没有把你媳妇一起带回家来?

    鼎:这个——

    李(急忙圆场):哦,小鼎他这次没有到金陵去。

    母:怎么?不要说你媳妇在那里,就是她不在那里你也该去看看你大姑啊?

    鼎:那个——

    李(急忙圆场):这不是小鼎他急着赶回来看你,从扬州过江到瓜州,就一路下来了么。

    母:那也得派人去接啊,走了那么长时间,还不快去接回来!再说小鼎已经回来啦,他们小夫妻俩好几个月没有见面,也早该团圆团圆。对了,冬至快要到了,小鼎你亲自去跑一趟。也好就便给你大姑说说在热河蒙圣上召见的事情!

    父子俩面面相觑,四姨娘史嬷嬷连环三人均低头不语。

    鼎(终于开口):孙儿这就去准备行装。

    母:这就对了,你速速与我快去快回!

    大幕合拢。

    第七场:守灵

    场景:晚晴轩主人卧室,舞台正面安放着鼎大奶奶的灵台

    时间:上场当夜

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    那日送出晚晴轩,

    乙唱:

    依依惜别在眼前。

    丙唱:

    如今分隔阴阳间,

    甲乙丙丁一起道白:阿要伤心啊——

    丁唱:

    万里归来人不见。

    甲唱:

    恩爱夫妻盼白头,

    乙唱:

    朝朝暮暮心相连。

    丙唱:

    谁知生离是死别——

    甲乙丙丁一起道白:阿曾听见大爷勒拉哭喊——(幕后,李鼎在喊:我来迟了,我来迟了啊)——(四清客一起顿足)

    丁唱:

    害得我伲陪侬一道泪涟涟!

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    李鼎急步上场后扑向灵台。

    鼎唱:

    热河行围接噩耗,

    宛如利刃刺胸口。

    随扈哨鹿不敢哭,

    强咽血泪吞下喉。

    亟待归来葬贤妻,

    伴驾口外难自由。

    不能再行见一面,

    阴阳相隔恨悠悠。

    回转姑苏生死别,

    深院紧锁黑黝黝。

    昔人驾鹤西归去,

    白烛白帏影幽幽。

    想我是,

    李家单线独根苗,

    祖母溺爱不放手。

    养成纨绔一子弟,

    亏你力劝我回头。

    实指望,

    诞育一男和半女,

    只盼望,

    恩爱夫妻长相守。

    谁知晴天起霹雳,

    变生不测惊雷骤。

    谁知因果不相报,

    好人偏偏会短寿。

    问苍天,

    苍天你为何不开眼;

    问判官,

    判官你是否有错漏?

    花样年华竟夭折,

    不能够啊怎能够?!

    你怎能,

    独自踏上望乡台,

    抛却我孤孤单单世上留。

    说什么——

    家累太重难负荷,

    道什么——

    身体虚弱不堪受。

    千不念啊万不念,

    总念在——

    你我相约共白首!

    须知道,

    三分气在千般用,

    一朝无常万事休!

    可疑之处在在多,

    反复推敲无理由。

    晚晴轩今夜等你来入梦,

    听你与我说从头!

    李鼎哭得伤心,在灵台边昏昏睡去。

    灯转暗。

    鼎大奶奶鬼魂上场。(以下为李鼎梦境。)

    兰:鼎鼎,你终于回来了!

    李鼎惊起,上前携手。

    鼎:阿兰,是我回来了啊!

    兰唱:

    许久不见夫君面,

    你形容憔悴人消瘦。

    望君身体多保重,

    莫把为妻挂心头。

    尚有一事要托付,

    若无远虑有近忧。

    祭祀产业不入官,

    留作退步可糊口。

    乐极生悲自古说,

    盛宴必散需运筹。

    休等一旦大树倒,

    只剩猢狲空发愁!

    鼎:阿兰,你真是为我李家操尽心了。

    兰:既如此,为妻告退。

    鼎(疑惑地)怎么?我刚回来,你就要走?!

    兰唱:

    时近五更曙色微,

    我在阳间难逗留。

    (李鼎插话:啊,原来你是鬼魂?)

    只为夫妻见一面,

    从此相会不能够。

    (接白)临行之时,我还有两句话要说——

    (李鼎着急地:哪两句话?你快告诉我啊——)

    (接唱)

    质本洁来还洁去,

    不教污淖陷渠沟。

    鼎大奶奶隐退。

    灯光恢复。

    李鼎大叫着从梦中醒来。

    鼎:阿兰,阿兰!你不要走啊——(发觉自己醒来)

    (接唱)

    果然阿兰来托梦,

    梦里相逢不长久。

    (接白)她说是清白身来清白身去——

    (接唱)

    显见她前来表坚贞,

    显见她梦里说缘由。

    只因为逼奸不从保清白,

    羞愤自尽赴冥幽。

    何人作恶能到晚晴轩,

    哪个大胆敢于伸黑手。

    思来想去无着落,

    老父亲他,他,他为何不查访来不追究,

    因何不替儿媳申冤理枉去报仇?!

    幕后鸡叫声传来。

    柱子悄悄地上场。上场后四下张望。

    柱(低声地):大爷,我刚打听来一点消息。不知道……。

    鼎:有什么话,只管讲来!

    柱:大奶奶死的那天,瑞珠把一本账本送回给四姨娘。又听说老爷当天把跟班阿四他给撵到浒关庄子上去了。

    鼎(心急地):还有什么?!

    柱:瑞珠她在大厨房摇会的时候,也正好是老爷到晚晴轩来的时候……。(马上被打断。)

    鼎:你不要说了!(与之同时扑上去打了柱子一记响亮的耳光。)

    柱子被打懵,一手抚着半边面孔一边哭出声来:大爷!(顺势跪在李鼎面前。)

    李鼎转怒为悲,一步上前跪下来抱住柱子痛哭:柱子!

    大幕合拢。

    第八场:事发

    场景:李老太太佛堂

    时间:上场后将近半月

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    之前把老太太瞒得紧,

    乙唱:

    现在是老太太催得勤。

    丙唱:

    贤德孙媳金陵去——

    甲乙丙丁一起道白:有介许多日脚哉——

    丁唱:

    眼看冬至日日近。

    甲唱:

    伤脑筋来伤脑筋,

    乙唱:

    总要拆穿西洋景。

    丙唱:

    如何收场怎样好——

    甲乙丙丁一起道白:问我,我伲哪能会晓得啦——

    丁唱:

    天塌下来长人顶!

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    李煦和四姨娘缓步上场。

    上场后两人重唱轮唱。

    李煦四姨娘唱:

    晨昏定省,

    克尽孝道;

    (李唱)怕见高堂,

    (姨唱)怕见婆母,

    却又是佛堂上必须来报到。

    李唱:

    谎称小鼎他去金陵,

    活生生的媳妇哪里找!

    姨唱:

    眼看冬至是明朝,

    这才是大火烧眉毛!

    李唱:

    硬着头皮进佛堂,

    恐怕躲不过这一遭!

    姨背唱:

    西洋镜拆穿如何好?

    他自身作孽自己了。

    李煦对幕内:娘,儿子前来请安。

    李老太太由连环搀扶着上场。四姨娘一步抢前一起扶着李老太太坐下。

    母:小鼎俩口子回来了没有?

    李(尴尬地):还,还没有。

    母唱:

    你休要以为我年老,

    真的要当我大草包?

    我是耳聪目明牙口好,

    康熙爷当年我亲手抱。

    小鼎媳妇她赴金陵,

    来辞行说我正在睡午觉。

    一去南京数月久,

    眼看就是冬至到。

    都知道冬至大如年,

    我女儿怎会挽留到今朝?!

    小鼎他从热河回,

    我只见他一面实稀少。

    赶往曹家接兰儿,

    却也是一去不返影踪渺。

    越思越想越蹊跷,

    还不快将实情告!

    李(被逼无奈):这,这兰儿她,她,她……。

    母(坚持着站起身):兰儿她怎么样?!快说,她是不是已经死了?

    李(低声地):是死了。

    母(跌坐回椅子上):真的被我猜着了!我说呢,这么孝顺的孙媳妇,居然会这么长日子不来见我!她是怎样死的?

    李:是,是,是打摆子,跟妹夫一样的病。

    母:打摆子?!

    (接唱)

    叶天士就在姑苏城,

    天医星医术高超精岐黄!

    可曾请他来诊治?

    是否请他开药方?

    姨:回老太太,天医星他到龙虎山给张天师看病,不在苏州。请的是,是,是张友士张先生。

    母:哪,那药方呢?

    李煦四姨娘面面相觑。

    李:不清楚是谁收起来了。

    母:那瑞珠呢?快叫她来!

    姨:瑞珠她打发出去了。

    母:为什么?!

    姨:这,女大当嫁,她年纪正相当就送回去嫁人啦。

    母:那就叫宝珠来!

    李煦四姨娘面面相觑。

    母:连环,你去替我把宝珠叫来!

    连:是。

    (背唱)

    强忍泪兔死狐悲伤同类,

    瑞珠她一头撞柱太凄惶。

    宝珠她却是因祸而得福,

    竟然会飞上枝头作凤凰。

    连环下场。旋即前导引领宝珠上场。注意到宝珠着裙,已不是丫鬟打扮。

    宝:宝珠见过老太太。

    母:等一等,宝珠,你怎么会一身小姐打扮?

    宝:我,我,我是老爷他让给大奶奶披麻戴孝认作义女的。

    母:这原本是好事啊,为什么刚才没有人告诉我?!快去给我把小鼎找来!

    宝珠实在怕再呆在老太太跟前,答应一声疾步下场。

    李鼎上场。

    鼎(胆怯地):老太太找我?

    母(严厉地):你们都给我下去!

    李煦四姨娘面面相觑,随即下场。

    母:连环,你也下去,给我把着门口!

    连环答应一声后下场。

    母:小鼎,我已经知道我那好孙媳死了。我还知道她决不是得病去世。你快告诉我她是怎么死的?

    鼎:老太太,您不要太难过了……。

    母:你不要瞒我,莫非她是吞金,还是服毒?

    李鼎一头跪倒。

    鼎:她,她,她是悬梁自尽!

    母(往后一仰,靠在椅背上):悬梁自尽?!想我李家诗礼簪缨,竟会有这等样事?究竟为了什么?

    鼎:孙儿不能说!

    母(向前逼问):那她给你留下什么话没有?

    鼎:她,她,她说她是一身清清白白的!

    母:那么,谁是那个恶棍?

    鼎(膝行几步):老太太,老太太,请您不要再追问下去了!

    母:为什么?

    鼎:孙儿说了出来,这一大家子就完了!

    母:啊?!(往后一仰,状似昏厥。)

    鼎(大叫起来):老太太,老太太!

    大幕合拢。

    第九场:绝粒

    场景:李老太太卧室外房

    时间:上场次日

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    热锅蚂蚁急煞人,

    乙唱:

    真要命来真要命。

    丙唱:

    不吃不喝不服药,

    甲乙丙丁一起道白:“作”点啥嚄——

    丁唱:

    望百之人伤透心。

    甲唱:

    寿星老儿吞砒霜,

    乙唱:

    黎山老母求自尽。

    丙唱:

    阿是活得勿耐烦?

    甲乙丙丁一起道白:阿要笑话?!

    丁唱:

    勿好当做笑话听!

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    李鼎上场。

    鼎唱:

    缘何天意怜芳草,

    芳草对我泪汪汪——

    总在脚下遭践踏,

    铁蹄蹂躏逞疯狂。

    缘何人间重晚晴,

    晚节不保全泡汤!

    说什么向晚意不适,

    留得一世清名方荣光。

    人说夕阳无限好,

    谁知暮色昏又黄。

    加害了我红颜知己,

    坑害到他白发高堂!

    四姨娘史嬷嬷上场。

    史:大爷,天医星开了方子没有?得快去抓药啊。

    鼎:爹爹他正在送客。叶天士不肯开方也不收受诊金。

    姨:那,那怎么办呢?

    四姨娘史嬷嬷面面相觑。

    史:要不,再去劝劝老太太喝点粥?!

    李鼎叹了一口气下场。四姨娘史嬷嬷随同下场。

    李煦从另一方向上场。

    李唱:

    天医星不肯开药方,

    我束手无策顿抓狂。

    满腹苦涩涩,

    心内好凄惶。

    走错一步路,

    顷刻陷泥塘。

    撒了一个谎,

    多少谎也难圆上。

    儿媳恨我少廉耻,

    老母恼我无行状。

    一老一小命归西,

    接二连三来治丧。

    银钱何处来出账?

    还有谁人能相帮?

    小鼎他心照不宣——

    一腔怨恨肚内藏,

    抬头不见低头见,

    父子隔膜如参商。

    从来百善孝为先,

    若有人告我忤逆怎抵挡?

    泼天大祸连根起,

    纵然有十条性命也难赔偿!

    谢总管上场。

    谢:启禀老爷,这一回可是实在想不出办法来了,内账房外账房都空空如也。平日日子都难打发,这如果再要办大事……。

    李:你问我,我又有什么办法?看样子,老太太不好得紧,赶紧派人给南京报信。或许曹家我那妹子来,还能带上点银子钱。

    谢:是,我这就去派人。

    史嬷嬷急步上场。

    史:老爷,老太太她快不行了!您快去看看吧。

    李煦急忙下场。

    史嬷嬷准备随之下场,被谢总管一把拉住。史嬷嬷挣脱。

    史:哎,都什么时候了,你还有心思拉拉扯扯的?

    谢:请留一步说话。

    史:有屁快放,有话快说!老娘我正忙着呢。

    谢:我说,你也是府上的老人了,该为自己想想啦!

    史:为我自己?!

    谢:你也不想想,接连出了这么两件大事。何况眼下这场丧事要办起来还能有夏天那么风光?

    史:那么?

    谢:还不赶紧留条后路!出了那么一档子丑事,把个九十三岁的老娘活活气死,若追究起来能有好下场吗?

    史:啊?!

    幕后连环的哭喊声:老太太!紧接着李煦李鼎四姨娘等人一片哭喊声。

    谢:好,说的话你自个儿放在肚子里。我得去传云板报丧去了。

    史嬷嬷谢总管分头下场。

    大幕合拢。

    第十场:降罪

    场景:苏州织造府花厅

    时间:雍正登基之时

    大幕拉开。

    二道幕前。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客上场。

    甲唱:

    画梁春尽落香尘,

    乙唱:

    情既相逢必主淫。

    丙唱:

    漫言不孝皆荣出,

    甲乙丙丁一起道白:倒像是暗藏仔格玄机勒浪里厢!

    丁唱:

    造衅开端实在宁。

    甲唱:

    豁喇喇恰似大厦倾,

    乙唱:

    昏惨惨又如灯油尽。

    丙唱:

    好一似荡悠悠三更梦,

    甲乙丙丁一起道白:格梦末,终归是要醒哉!

    丁唱:

    枉费了意悬悬半世心。

    苏州织造府甲乙丙丁四清客下场。

    二道幕升起。

    李煦跌跌冲冲地上场。

    李唱:

    换代了换代了换代了——

    这下子可真的完蛋了!

    逐年亏空债台高,

    接连祸端怎生好?

    困兽犹斗觅路道。

    孤注一掷去押宝。

    八九阿哥多联络,

    十四爷手握兵权最牢靠。

    他简在帝心位第一,

    代父亲征战旗飘。

    谁知道啊谁知晓——

    天公与我唱反调。

    圆明园风云突变,

    金銮殿地动山摇。

    秘不发丧有隆科多,

    暗地钳制藉年羹尧。

    十四爷鞭长莫及擦肩过,

    把九万里版图家业错失掉!

    篡改遗诏手段刁,

    雍亲王他,他,他竟然登大宝。

    一朝天子一朝臣,

    定然将我来开刀!

    先帝他总念故旧亲,

    嗷嗷待哺在襁褓。

    新皇他尚且不顾手足情,

    更遑论区区一织造!

    李鼎急步上场,四姨娘同时上场。

    李鼎把手中的一封信递给四姨娘,四姨娘再把信递给李煦。

    李:是哪里来的?

    姨:江宁织造府。

    李煦拆信,一边颤抖一边读信。

    李唱:

    呈上舅父老大人,

    已从京城接密报。

    皇上连襟有门路,

    内定姑苏接织造。

    唯恐措手来不及,

    提醒难免会查抄。

    未雨还请先绸缪,

    亡羊更要快补牢。

    来往书信需检点,

    不若投入火中烧。

    即便此一封家书,

    也请阅后就毁掉!

    李煦读完之后,猛地吐出一口鲜血,摇摇欲坠,手中的信飘落地上。

    李鼎和四姨娘同时叫起来,急忙上前扶住。

    鼎:爹!

    姨(同时):老爷!

    姨:快来人哪!

    连环和柱子分从两侧疾步上场。

    连环柱子两人接手将李煦扶下场去。

    李鼎拾起来信,四姨娘点火烧毁。

    姨唱:

    看来大事真不妙,

    大爷你趋吉避凶可有招?

    鼎唱:

    万千头绪乱糟糟,

    哪来招数挽狂潮。

    姨唱:

    待我收拾细软打一包,

    藏匿转移——

    能有多少算多少。

    (高喊)史嬷嬷,史嬷嬷——

    (夹白)唉,你看我心急慌乱,那史嬷嬷前些日子早已辞工不干。连得那谢总管也走了。让我赶快去找连环来相帮!

    四姨娘下场。

    两江督标属下兵士上场,圆场后把李鼎团团围住。

    奉旨查抄官员上场。

    官:奉旨查抄苏州织造李府,你是何人?

    鼎:在下李鼎,见过大人。

    官:你就是李鼎?蒙圣上恩典,抚台大人特地关照你现有官职,不可混淆。快去更换官服,到织造府衙去见两江督标大人。哦,先得将那罪臣李煦交出来听旨。

    鼎:卑职遵命。

    两江督标属下兵士让开,李鼎下场。

    李煦已更换官服在柱子搀扶下病恹恹地上场。

    李煦上场后一头跪倒,柱子跪在他后方。两江督标属下兵士将他们围住。

    官:奉天承运皇帝诏曰——据报李煦操行不修私交亲王更兼亏空甚巨,速速关押,并将私产房屋眷口一律查封,待一一查明之后听候发落!钦此。

    李:谢我皇万岁万岁万岁!

    两江督标属下兵士上前摘去李煦顶戴花翎,李煦在柱子帮助下脱下官袍后被捉拿押送下场。

    官员下场。

    柱子一人茫然地呆在场上。

    李鼎着官服上场。

    鼎:柱子,你真幸运,你算是我的人不在那变卖名册之上。

    柱子近前一步,呈感激状:多谢大爷。

    鼎:你要谢我?!我又去谢谁?!(忽然狂笑起来)哈哈,哈哈,哈哈哈哈,圣上恩典给我留下了这座晚晴轩。就是因为我有着这五品顶戴?!知道吗?这个奉政大夫的五品顶戴可是用我爱妻一条性命换来的!如今,事到如今,(喘一口气)到头来,结果还是落了个家破人亡,我还要这晚晴轩做什么?!我还要这五品顶戴做什么啊?!

    李鼎摘下水晶顶戴脱下珊瑚朝珠卸下白鷳补服逐一扔在地上,在幕后合唱声中狂笑着扬长而去。

    柱子一人依旧茫然地呆在场上,突然拔腿追赶下场。

    幕后合唱:

    自从两地生孤木,

    一场欢喜忽悲辛。

    好一似食尽鸟投林,

    落了个白茫茫大地真干净!

    幕后合唱声中大幕合拢。

    剧终。
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